ऐसा भी है!!
ये कहानी है हरियाणा की एक लड़की की! जो अब भी समाज और परिवार की नज़र में चुभ रही है, क्योंकि उन लोगों की नज़रों में वो आज भी घर से भागी हुई लड़की है! शिवानी उन दिनों मैं कॉलेज में कहती थी कि कुछ भी कर सकती हूं, पर इन चक्करों में नहीं पड़ना! मेरी जैसी कई लड़कियों के लिए प्यार शुरू में चक्कर ही होता है! हरियाणा रोडवेज से कॉलेज आती-जाती थी! वहीं रवि से मुलाकात हो जाती थी! ये मुलाकातें न जाने कब प्यार में बदल गईं! प्यार जब ताजा होता है तो इस बात की फिक्र किसे होती है कि अगले मोड़ पर क्या होगा, बस नदी की तरह बहते जाना होता है! मेरे पापा अक्सर नौकरी के सिलसिले में विदेश रहते! अमीर-गरीब की जो कैटेगिरी समाज में बनी हुई है, उस हिसाब में हमारा परिवार अमीर था और रवि का परिवार गरीब! रवि की नौकरी तक नहीं लगी थी इधर मेरे पापा मम्मी से कहा करते थे, ''मैं अपनी बेटी शिवानी का ब्याह ऐसा करूंगा कि पूरे गांव ने नहीं देखा होगा.'' मम्मी अक्सर टोककर कहतीं, ''इस छोरी को इतना मत बिगाड़ो. गरीब घर में ब्याह हुआ तो इसके चोचले नहीं चलेंगे '' पापा हंसते हुए कहते, '...
